मनोवैज्ञानिक ऐसा मानते हैं की अच्छी नींद लेना अपने आप में मानसिक स्वास्थ्य में बड़ी फायदेमंद है, इसके अलावा और भी बहुत सारे फायदे होते हैं आइए हम इसे विस्तार से समझते है
नींद पूरी नहीं होने से हर उम्र के लोगों में वजन बढ़ने की समस्या हो जाती है, नींद की कमी से हमारा मेटाबॉलिक फंक्शन स्लो हो जाता है। आसान शब्दों में कहें तो अधूरी नींद उस रेट को कम कर देती है, जिससे हमारी कैलोरी बर्न होती है। मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के असरदार तरीकों के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। यह एक ऐसा मेकेनिज्म तैयार कर देता है जहां हमारी बॉडी में कार्बोहाइड्रेट और फैट स्टोर होने की संभावना बढ़ जाती है। कम नींद लेने से कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो स्ट्रेस हार्मोन होता है। स्ट्रेस क्या है? इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में भी जानना चाहते हैं तो आप मेरी यूट्यूब चैनल से स्ट्रेस मैनेजमेंट की वीडियो देख सकते हैं, नींद की कमी भूख को बढ़ा देती है। साथ ही जो लोग नींद नहीं आने के कारण कंफर्टेबल महसूस नहीं करते, वे दूसरों की तुलना में चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर शुगर क्रेविंग बनी रहती है। इस स्थिति में चीनी वाला आहार खाने से भूख तो मिट जाती है, लेकिन इससे उनका वजन बढ़ने की संभावना बनी रहती है। शुगर इंटेक को कम करने के लिए इन 5 तरीकों को भी अपना सकते हैं।
2. मानसिक स्वास्थ्य और नींद में विशेष संबंध
हमारा दिमाग किसी भी चीज को देखकर, सुनकर या स्पर्श करके सिग्नल ग्रहण करता है और उसे पहचानता है। इन सिग्नल को स्टोर करने की जरूरत होती है। मानव मस्तिष्क इन सिग्नल को स्टोर करने का प्रोसेस नींद के दौरान पूरा करता है। यदि आप पर्याप्त नींद से ज्यादा नींद लेते हैं तो इसका यह फायदा होता है कि आपकी याद रखने और समझने की शक्ति बढ़ जाती है। भरपूर नींद लेने से मस्तिष्क ठीक से काम करता है। कई रिसर्च से भी यह साफ हो चुका है कि भरपूर नींद लेने पर लोग अपनी क्रिएटिविटी अच्छे से दिखा पाते हैं। और वे दूसरों की तुलना में ज्यादा एक्टिव भी हो सकते हैं। नींद की डेल्टा तरंग आप को सबसे गहराई में ले जाकर हीलिंग का काम करती हैं, मनोवैज्ञानिक होने के नाते मैं पिछले 5 सालों से इस विषय में लोगों की नींद को लेकर 3 खास तरीके के सेशन भी देता हूं जिसमें उनकी नींद की क्वालिटी में भारी-भरकम बदलाव आता है और वह तुरंत हल्का महसूस करते हैं इसे विजुलाइजेशन के नाम से जाना जाता है।
3. दिल नींद में संबंध
नींद की कमी के कारण कमर का साइज (Waistline) और वजन (Weight) दोनों ही बढ़ जाता है। औसत से कम नींद लेने वालों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है। रिसर्च में भी यह सामने आया है कि कम नींद के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। और हाई ब्लड प्रेशर हार्ट डिजीज का कारण होता है। साथ ही स्ट्रेस हार्मोन की अधिकता और दिल की अनियमित धड़कन (Irregular Heartbeat) भी हार्ट प्रॉब्लम का मुख्य कारण हो सकती है। स्लीप एपनिया या नींद के दौरान ऑक्सीजन की कमी को टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) से जोड़ा गया है। यह भी हार्ट डिजीज का प्रमुख कारण है। डायबिटीज होने के कारण, प्रकार और उपाय जानने के लिए आप इस लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं।
4. इम्यूनिटी बढ़ती है
नींद की क्वालिटी और शरीर की इम्यूनिटी का सीधा संबंध है। इसमें फ्लू या सर्दी में होने वाले सामान्य संक्रमणों से लड़ने की क्षमता भी शामिल होती है, कम नींद और नींद का खराब पैटर्न एंटीबॉडी के संश्लेषण (synthesis) को प्रभावित करती है। दूसरी तरफ यदि आप सामान्य से ज्यादा नींद लेते हैं तो आपकी इम्यूनिटी काफी मजबूत होगी और बीमार भी कम पड़ेंगे।